यह उत्तराखण्ड राज्य के चमोली जिले में स्थित एक राष्ट्रीय उद्यान है। 87.50 वर्ग किमी क्षेत्र में फैली इस घाटी को वर्ष 1982 में ’राष्ट्रीय उद्यान’ घोषित किया गया था। इस घाटी के बारे में किवदन्ती है कि रामायण काल में हनुमान जी संजीवनी बूटी की खोज में यहां पर आए थे। इस घाटी का पता सबसे पहले ब्रिटिश पर्वतारोही फ्रैंक एस. स्मिथ और उनके साथी आरएल होल्ड् सवर्थ ने वर्ष 1931 में अपने कामेट पर्वत के अभियान से लौटते समय संयोग से लगाया था। युनेस्को ने वर्ष 1988 में ’नन्दा देवी राष्ट्रीय उद्यान’ को सम्मिलित रूप से ’विश्व धरोहर’ स्थल घोषित किया।