तमिलनाडु राज्य की राजधानी चेन्नई के समीप बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित महाबलीपुरम को ’मन्दिरों का शहर’ कहा जाता है। प्रारम्भ में ’मामल्लापुरम’ नाम से पसिद्ध यह प्राचीन शहर अपने भव्य मन्दिरों, स्थापत्य और सागर तटों के लिए प्रसिद्ध है। 7वीं शताब्दी में पल्लव राजाओं की राजधानी रहा यह शहर द्रविड वास्तुकला की दृष्टि से अग्रणी स्थान रखता है। यहाँ पर 7वीं और 8वीं शताब्दी में शोर मन्दिर, वराह गुफा मन्दिर, पाँच रथ मन्दिर, अर्जुन पेनैन्स आदि स्मारकों का निर्माण हुआ। यहाँ के अन्य दर्शनीय आर्कषणों में कृष्ण मण्डपम, मूर्ति संग्रहालय, मुट्टूकाडू प्रमुख हैं। महाबलीपुरम के स्मारकों के समूह को वर्ष 1984 में युनेस्को की ’विश्व विरासत स्थल सूची’ में स्थान दिया गया।