हर संस्थान को अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए अपने एम्प्लॉइज को मजबूत बनाना पडता है। जानते है कि कंपनी के मैनेजर को टीम मेंबर्स को मजबूत बनाने के लिए क्या करना चाहिए।
मैनेजर अपने एम्प्लॉइज को जॉब क्राफ्टिंग का मौका देकर सशक्त बना सकता हैं। मैनेजर को पता होता है किस एम्प्लॉई में क्या खास बात है। इसी के अनुरूप उसे कंपनी में काम देना चाहिए। इससे एम्प्लॉई भी कंपनी के लक्ष्यों के साथ तालमेल बैठा पाता है। जॉब क्राफ्टिंग से एम्प्लॉई लक्ष्यों को सही तरह से परिभाषित कर पाता है।
अगर कोई संस्थान अपने एम्प्लॉइज के क्रिएटिव आइडियाज की स्पॉन्सर करने के लिए मैकेनिज्म तैयार करता है तो एम्प्लॉइज भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं। इससे एम्प्लॉइज अपने दैनिक कार्यो के अलावा भी कुछ नया सोचते पाते है और इसका पूरा फायदा कंपनी को ही मिलता है।
ज्यादातर एम्प्लॉइज अपने सीनियर लीडर्स से डर के कारण सही तरह से संवाद नहीं कर पाते। अच्छा लीडर अपने एम्प्लॉइज को सही फीडबैक देता है और परेशान नहीं करता। मैनेजर को अपने एम्प्लॉइज के लिए हमेशा मौजूद रहना चाहिए और नियमित रूप से उन्हें संवाद का मौका देना चाहिए।
लीडर को अपने एम्प्लॉइज की पूरी ऑनरशिप देनी चाहिए। इससे वे बडी जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए तैयार हो पाते हैं। एम्प्लॉइज को ही निर्णय लेने छूट दी जाएगी, तो वे तय कर पाएंगे कि लक्ष्यों को किस तरह से प्राप्त करना हैं। इससे सबको लाभ होगा।
एम्प्लॉइज को सशक्त बनाने के लिए जरूरी हैं कि उन्हें काम करने के लिए सहयोगात्मक वातावरण दिया जाए। अगर एम्प्लॉइज को वर्कप्लेस पर सुविधाएं मिलेंगी, वर्क लाइफ बैलेंस बना रहेगा और जॉब से संतुष्टि मिलेगी तो काम पर सकारात्मक असर होगा। कंपनी स्किल डवलपमेंट वर्कशॉप्स की मदद से एम्प्लॉइज को सशक्त बना सकती है। हर लीडर को एम्प्लॉइज को सशक्त बनाने के लिए नए विचारों को महत्व देना चाहिए।