छोटे बिजनेस को सपोर्ट करने के लिए हैं कई सपोर्टिंग बिजनेस। सपोर्टिग बिजनेस आपके मूल बिजनेस के और मूल बिजनेस आपके सपोर्टिग के फलने फूलने में मददगार साबिज होते हैं। बिजनेस को जमाने और अच्छे ढंग से चलाने के लिए आपको समय समय पर सपोर्ट की जरूरत होती है। कभी यह सपोर्ट किसी एक्सपर्ट की सलाह से मिलता है तो कभी किसी निवेश से। एक ऐसा ही सपोर्ट आपको एक और बिजनेस खोलकर भी मिलता है। यह बिजनेस ऐसा होना चाहिए, जो आपके मूल बिजनेस से मेल खाता हो और किसी न किसी तरह ये एक दूसरे की सेलध्सर्विस को प्रोत्साहित करते हों। हर दूसरे बिजनेस में ऐसा सपोर्टिंग बिजनेस ढूंढा जा सकता है।
मूल बिजनेस के कस्टमर्स इस नए बिजनेस के लिए भी मजबूत कस्टमर बेस उपलब्ध करवा सकते है। एक दूसरे से जुडे होने के कारण आपको नए सिरे से प्रयास नही करने।
चूंकि दोनों बिजनेस एक दूसरे से जुडे हैं, तो इनके लिए एक दूसरे के रिसोर्सेज भी काम आ सकते है। इसके अलावा एक बडा फायदा यह है कि किसी एक से होने वाली इनकम को दूसरे में निवेश के रूप में भी लगाया जा सकता है।
दूसरे बिजनेस को प्रचारित करने के लिए एडवर्टाइजिंग पर ज्यादा खर्च करने की जरूरत नहीं रहती। एक प्रचार आपके कस्टमर्स के जरिए हो जाता है, शेष आप कर सकते हैं।