General Knowledge
Antarctica - Geographical Form

अन्टार्कटिका
भौगोलिक स्वरूप
- यह विश्व का दक्षिणतम महाद्वीप है, जिसका क्षेत्रफल 14.0 मिलियन वर्ग किमी है। यह विश्व का पाँचवाँ सबसे बड़ा महाद्वीप एवं प्राचीन गोण्डवाना लैण्ड का भाग है।
- ’अन्टार्कटिका’ का अर्थ ग्रीक भाषा में ’आर्कटिक अर्थात अत्तरी ध्रुव का उलटा’ होता है। अन्टार्कटिका के 98% भाग पर बर्फ पाई जाती है, जिसके फलस्वरूप् इसे ’श्वेत महाद्वीप’ भी कहा जाता है। इसके अतिरिक्त इसको विश्व के सबसे बड़े ठण्डे मरुस्थल की संज्ञा भी दी जाती है।
- बर्फ के बनने तथा पिघलने की घटना के कारण इस महाद्वीप का आकार बदलता रहता है, अतः इसे ’गतिशील महाद्वीप’ भी कहते हैं।
- ट्रांस अन्टार्कटिका पर्वत श्रेणी (क्वीन-माड-पर्वत), इस महाद्वीप को दो भागों में विभक्त करती है। इसके तटीय भागों में एल्सबर्थ पर्वत श्रेणी है।
- माउण्ट एरेबस अन्टार्कटिका की एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है। इसके अतिरिक्त विश्व का सबसे बड़ा ग्लेशियर ’लैम्बर्ट’ यहीं स्थित है। यहाँ कस अधिकांश भाग बर्फ से ढका रहता है, केवल पॉल्मर प्रायद्वीप कुछ समय के लिए बर्फ से मुक्त रहता है।
- यह अत्यधिक ठण्डा महाद्वीप है। यहाँ न्यूनतम तापमान -89.60 दर्ज किया गया है। वर्ष 1821 में अमेरिका नाविक जान डेविड ने पहली बार इस महाद्वीप पर कदम रखा था। दक्षिण ध्रुव पर पहुँचने वाला पहला व्यक्ति रॉल्ड एमण्डसेन (नॉर्वे) था, जो वर्ष 1911 में इस ध्रुव पर पहुँचा।
- अन्टार्कटिका महाद्वीप एकमात्र ऐसा महाद्वीप है जहाँ ’सरीसृप’ प्रवर्ग के जन्तु नहीं पाए जाते। अन्टार्कटिका में बर्फ पिघलने के कारण क्षेत्रीय गुरुत्व वर्ष में परिवर्तन आया है। अन्टार्कटिका एकमात्र महाद्वीप है जिसका अपना ’टाइम जोन’ नहीं है।
- अन्टार्कटिका में कुछ बर्फ की परतें लगभग 4 लाख वर्षों से ज्यों-की-त्यों विद्यमान हैं।
निवासी एवं मानव संसाधन
- इस महाद्वीप में मानव का कोई स्थायी निवास नहीं है। वर्ष 1961 की अन्टार्कटिका सन्धि के फलस्वरूप् यहाँ विभिन्न देशों के वैज्ञानिकों द्वारा केवल अनुसंधान कार्य (शान्तिपूर्ण उद्देश्य के लिए) किए जाते हैं।
- दक्षिण गंगोत्री, मैत्री तथा भारती, यहाँ भारत के प्रमुख अनुसंधान केन्द्र है।
प्राकृतिक संसाधन
- यहाँ लगभग हमेशा शीत जलवायु विद्यमान रहती है। लाइकेन काई तथा शैवाल यहाँ की प्रमुख वनस्पतियाँ हैं। यहाँ पेंगुइन नामक न उड़ने वाला पक्षी पाया जाता है।
- ओजोन क्षरण की घटना सर्वप्रथम वर्ष 1985 में इसी महाद्वीप पर दर्ज की गई थी। अन्टार्कटिका विश्व का सर्वाधिक ठण्डा, तूफानी, उच्चतम तथा शुष्क महाद्वीप है। यह दुनिया का सबसे वृहद शीत मरुस्थल है। इस महाद्वीप में सर्वाधिक उच्च तापमान 14.50 C मापा गया है।
- पृथ्वी का 90% ताजा जल अन्टार्कटिका में उपलब्ध है। अन्टार्कटिका के कुछ हिस्सों में पिछले 20 लाख वर्षों से वर्षा और बर्फबारी नहीं हुई है।
- अन्टार्कटिका महाद्वीप को सैन्य गतिविधियों, खनन प्रक्रिया, नाभिकीय विस्फोट तथा नाभिकीय अवशिष्टों को ठिकाने लगाने से बचाने के लिए 38 देशों द्वारा 1 दिसंबर, 1959 को एक समझौता किया गया।
- ऑस्ट्रेलिया, अन्टार्कटिका महाद्वीप के 5.8 मिलियन वर्ग किमी पर अपना दावा करता है जो उसके कुल क्षेत्रफल का लगभग 50% हिस्सा है।
अर्थव्यवस्था
- अन्टार्कटिका में खनिज तेल, प्राकृतिक गैस, सोना, ताँबा, कोयला, यूरेनियम, चाँदी आदि खनिजों की मौजूदगी की जानकारी प्राप्त हुई है।
- क्रिल (झींगा मछली की प्रजाति), इस क्षेत्र में भोजन का मुख्य स्त्रोत है।


