Birbal Sahni

बीरबल साहनी (1891-1949)
पुरा-वनस्पति शास्त्र के वैज्ञानिक बीरबल साहनी का जन्म 14 नवम्बर 1891 ई. में शाहपुर जिला पाकिस्तान में हुआ था। डॉ. साहनी ने पहले जीवित वनस्पतियों पर शोध किया तत्पश्चात भारतीय वनस्पति अवशेषो पर शोध किए। उन्होंने फॉसिल बजरहों और जीरा के दानों पर शोध की पहल की, जो पहले जेरिवत के नाम से जाना जाता था।
फ्रेडरिक बैण्टिंग (1891-1941)
फ्रेडरिक बैण्टिंग एक हड्डी रोग विशेषज्ञ थे, जिन्होंने इन्सुलिन की खोज की, साथ ही इन्होंने यह भी बताया कि इन्सुलिन का एक अणु 51 अमीनों एसिड से बना होता है, जो अलग-अलग स्तनपायी जानवरों में जो अलग-अलग होता है। इन्हें वर्ष 1923 में चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया।


