Dashavatar

दशावतार
यह कोंकण के तटीय क्षेत्र के किसानों की एक लोक रंगमंच शैली है। यह विशेषकर सिन्धुदुर्ग (महाराष्ट्र) और उत्तरी गोवा तक विस्तृत हैं । इसमें भगवान विष्णु के दस अवतारों का मंचन किया जाता हैं। इस पारम्परिक रंगमंच शैली का प्रदर्शन ग्राम देवता के वार्षिक उत्सव के दौरान मध्यरात्रि के समय किया जाता है। शैलीगत साजश्रंगार से परे दषावतार का प्रदर्शन करने वाले लकड़ी व पेपरमेश का मुखटा पहनते हैं।


