Debate over workplace

वर्कप्लेस पर न हो बहसें
वर्कप्लेस पर धर्म, जाति या राजनीतिक विचारधारा पर चर्चा से बचें। स्वस्थ चर्चाएं वर्कप्लेस के लिए अच्छी है लेकिन जब ये बेवजह की बहस में बदल जाती हैं तब इनसे माहौल बिगड़ जाता हैं लगभग हर व्यक्ति की किसी धर्म में आस्था, कोई जातिगत पहचान और किसी राजनैतिक दल के प्रति झुकाव होता ही है। वर्कप्लेस पर अक्सर ये मुद्दे चर्चा का विषय भी बन जाते हैं। चर्चा में शामिल लोगि जब तक इसे स्वस्थ ढंग से लेते हैं तब तक तो यह ठीक लगती है लेकिन जंहा कहीं किसी भी पक्ष की ओर से दूसरे पर हावी होने की कोशिश की जाती है, माहौल बिगड़ जाता है।
धर्म पर चर्चा
धर्म बेहद निजी विषय है और हर किसी की इस संदर्भ में अलग-अलग आस्था हो सकती है। ऐसे में किसी भी धर्म को लेकर कटाक्ष करने से ऑफिस का माहौल गड़बड़ा सकता है। इससे आपसी सदभाव तो बिगड़ता ही है साथ ही ऑफिस में तनाव भी पैदा हो जाता है इससे बचें
जति पर चर्चा
वर्कप्लेस पर काम करने वाले लोगों की जाति भी बनी-बनाई सामाजिक व्यवस्था के अनुरूप भिन्न-भिन्न हो सकती है। ऐसे में किसी जाति को श्रेष्ठ या किसी को तुच्छ बताकर वर्कप्लेस का माहौल बिगाड़ने से बचें। इससे आपका ही नुकसान है।
राजनीतिक रुझान
हर मतदाता का अपना एक अलग राजनीतिक रुझान होता है। लेकिन इन रुझानों की आड़ में सत्ता पक्ष की बुराई करके उसके समर्थकों को चिढ़ाया या विपक्ष की बुराई करके उसके समर्थकों को बुरा-भला कहना एक अंतहीन बहस को जन्म देता है।


