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General Knowledge

Kalighat Pat Art

EEnvatX Team16 Oct 20261 min read
Kalighat Pat Art

कालीघाट पाट कला

19वीं सदी में भारत के बहुत सारे शहरों में नई लोक कला विकसित हुई । कलकता के समीपवर्ती गाँवों के स्थानीय खर्रा चित्रकार ( पटुआ ) और कुम्हार मिलकर एक कला शैली विकसित कर रहे थे । कलकता कालीघाट आकर इन्होंने पौराणिक देवी - देवताओं की चित्रकारी आरम्भ की । इनकी छवियाँ गोलाकार न होकर सपाट होती हैं ।