Recycling Policy brought to the office

ऑफिस में लाए रीसाइकिलिंग पॉलिसी
ऑफिस में रीसाइकिलिंग पॉलिसी को अपनाकर वहां हो रहे कई तरह के खर्चो को बचाया जा सकता है। सुनने मे यह अजीब भी लग सकता है लेकिन सच बात यह है कि छोटे बिजनेसेज के लिए यह पॉलिसी कॉस्ट कटिंग का एक अहम पहलू होती है। ऐसी पॉलिसी बनाने का अर्थ कोई दस्तावेज तैयार करना नही है, बल्कि इसका अर्थ इसे प्रैक्टिकल तौर पर अभ्यास मे लाना है। ऑफिस मे इस्तेमाल होने वाली बहुत सी चीजो का इस्तेमाल एक से ज्यादा बार किया जा सकता है। यही इस पॉलिसी का मूल है। सबसे पहले इन चीजो की पहचान करें। इसके बाद तय करें कि ये चीजे फेकी न जाएं।
पेपर हैं कीमती
कागजों बचाने का संदेश पर्यावरणीय लिहाज से भी अच्छा है और आर्थिक लिहाज से भी। कागज का इस्तेमाल कम करने के लिए ऑफिस मे होने वाले संवाद के लिए कंप्यूटर पर ईमेल का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा करें। एक साइड लिखे पेपर्स पर दूसरी ओर लिखने की व्यवस्था करें। पेपर की बजाय पीसी के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करें।
रीयूज करें लिफाफे
बाहर से आने वाला एन्वलप यूं ही बर्बाद फेंक दिए जाते हैं। यदि आप चाहें तो इनका भी दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए आपको स्टीकर लगाकर एड्रेस या सेंडर का नाम लिखने की साफ जगह बनानी होगी। इससे कंपनी की काफी बचत हो सकती है।
सामान का रीयूज
अपने यहां इस्तेमाल किए जाने वाला दूसरा सामान भी ऐसा रखें, जिसे दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता हो। इसमें कॉफी मग, प्लेट्स, गिलास आदि शामिल हैं। इसके अलावा यदि आपके यहां लेखन और छपाई का काम व्यापक स्तर पर होता है तो पेन और कार्टरेज आदि की रीफिलिंग की व्यवस्था करके रखें। महंगे-महंगे पेन यूं ही फेंकते न रहें।
मिलकर करें प्रयोग
ऑफिस स्टेशनरी का बहुत सा ऐसा सामान होता है, जिसे कई लोग मिलकर इस्तेमाल कर सकते हैं। छोटे स्तर के बिजनेस में यह अभ्यास खासतौर पर फायदेमंद रहता है। स्टैप्लर्स, पंचिंग मशीन, फोल्डर्स आदि इस स्टेशनरी के कुछ उदाहरण हैं। अगर दो-तीन डेस्क पर साझी स्टेशनरी से आप काम चलाते हैं तो प्रति डेस्क या प्रति व्यक्ति आने वाले इसके खर्च से बचा जा सकता है।


