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Career Guidance

Set boundaries of work-life

EEnvatX Team16 Oct 20261 min read
Set boundaries of work-life

वर्क-लाइफ की सीमाएं तय करें

अब वर्क कल्चर बदल गया है। प्रोफेशनल्स को हमेशा ऑन रहना पड़ता है। इससे उत्पादकता बढ़ी है, पर कंपनी के एम्प्लॉइज को अपनी पर्सनल जिंदगी के लिए समय नहीं बचा है। जानते हैं कि मौजूदा हालात में वर्क-लाइफ बैलेंस को किस तरह से तैयार किया जाए।

ध्यान रखें

आपको अच्छी तरह से पता होना चाहिए कि आपके जीवन में सबसे महत्वपूर्ण क्या है। कंपनी चाहे तो अपने एम्लॉइज के लिए मजेदार माहौल तैयार कर सकती है, जहां एम्प्लॉइज खुशी-खुशी अपना काम पूरा करें। कंपनी को एम्प्लॉइज की जरूरतों का भी पूरा खयाल रखने की कोशिश करनी चाहिए, तभी वे पूरी ऊर्जा के साथ काम पूरा कर सकते हैं।

ज्यादा टेंशन न लें

वर्क-लाइफ की सीमाएं तय करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप इसके बारे में ज्यादा विचार करना बंद कर दें। आपको काम और समय के हिसाब से तय करना पड़ता है कि परिवार और ऑफिस के काम में से कौनसा काम पहले पूरा करना है। आपको ज्यादा तनाव लिए बगैर अपना काम पूरा करना चाहिए।

वर्तमान में रहें

घर पर काम के बारे में विचार करना और ऑफिस में घर के बारे में विचार करने से कोई फायदा नहीं होगा। आपको खुद अपने लिए नियम तैयार करने होंगे कि किस तरह से आप अपने काम और जिंदगी को बेहतर बना सकते हैं। जब आप ध्यान से कोई काम पूरा करते हैं तो उसका फायदा होता है। परिवार के साथ होने पर काम से ध्यान हटा लें। वर्किंग आवर्स के बाद फोन और इंटरनेट पर ध्यान देना बंद करें।

ऊर्जा को बढ़ाएं

आपको अपने समय को इस तरह से व्यवस्थित करना चाहिए कि कम एनर्जी में ज्यादा काम पूरा हो सके। कोई भी नई जिम्मेदारी लेने से पहले पुरानी जिम्मेदारियों पर उसके प्रभाव का आकलन कर लेना चाहिए। अतिरिक्त काम से आपको होने वाले फायदों और नुकसानों के बारे में सही तरह से विचार करना जरूरी है।

जीवन का आनंद लें

यदि आप जीवन का पूरी तरह से आनंद ले रहे हैं, तभी आप अपना काम अच्छी तरह से पूरा कर पाएंगे। ऑफिस से छूट्टी लेकर परिवार के साथ घूमने जाएं। यह किसी तरह का अपराध नहीं है।