Target setting technique

टारगेट सेटिंग टेक्नीक
वर्कप्लेस पर टारगेट सही ढंग से सेट न हो तो काम पूरा नहीं हो पाता । किसी टारगेट को पूरा करने के लिए जरूरी है कि आप उसे ठीक तरह से तय और परिभाषित किया हो वर्कप्लेस पर टारगेट सेट करने का दावा तो हर कोई करता है लेकिन इसमें टारगेट के सधे होने की गारंटी नहीं होती । इसके साथ ही साथ हर कोई टारगेट को वर्कप्लेस के समक्ष सही ढंग से परिभाषित भी नहीं कर पाता । यदि आप चाहते हैं कि आपके द्धारा वास्तविक लक्ष्य पुरें किए जाएं तो अपने टारगेट को सटीक बनाना और इन्हें अपने एंम्प्लॉइज के समक्ष सही ढंग से परिभाषित करना सीखें ।
इतना है काम
टारगेट सेटिंग में आपको यह तो पता होना चाहिए कि क्या करना हैए साथ ही साथ यह भी पता होना चाहिए कि क्या नहीं करना हैं ? या नहीं करना हैं, यह पता होगा तो आपकी एनर्जी और टाइम बर्बाद नहीं जाएंगे । आप पहले से ही उस काम पर ध्यान केद्रित करेंगे, जिसे करना जरूरी हैं ।
ये है जिम्मेदारी
टारगेट सेट कर लेने के बाद समस्या आती है इससे जुडी जिम्मेदारी को परिभाषित करने में । अगर लोगो को उनकी जिम्मेदारी सही तरह से न बताई जाए तो काम पूरा होने से रह जाता है । इसलिए सबको उनकी जिम्मेदारियां सही तरह से समझा दें ।
ये है डेडलाइन
जिम्मेदारियां समझा देने के बाद जो दिक्कत आती हैए वह है काम पूरा करके देने की सही तिथि न पता होने पर । आपकी ओर से ढील मिलने पर लोग इसका फायदा उठा सकते हैं । इसलिए डेडलाइन की घोषणा व पालन सख्ती के साथ करें ।


